कृतिका कामरा का बयान: ‘मटका किंग’ में 60-70 के दशक की मुंबई का अनुभव करना था अनूठा

मुंबई
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों अलग-अलग दौर की कहानियों को दिखाने का चलन तेजी से बढ़ा है। खासकर ऐसी कहानी को, जो पुराने समय की जिंदगी और माहौल को सामने लाए। इस कड़ी में 'मटका किंग' सीरीज काफी चर्चा में है, जिसमें 1960 और 70 के दशक की मुंबई की कहानी देखने को मिलेगी। शो को लेकर एक्ट्रेस कृतिका कामरा ने आईएएनएस से बात करते हुए अपना अनुभव साझा किए। कृतिका कामरा इस शो में 'गुलरुख' नाम की पारसी महिला का किरदार निभा रही हैं। इसको लेकर उन्होंने बताया कि इस शो में काम करना उनके लिए एक अलग दौर को महसूस करने जैसा था। आईएएनएस संग बातचीत में कृतिका कामरा ने कहा, ''जब कोई कलाकार किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनता है, जो पुराने समय पर आधारित होता है, तो सेट पर कदम रखते ही वह खुद को उस दौर में महसूस करने लगता है। जैसे ही मैं सेट पर जाती थी और उस समय के कपड़े पहनती थी, तो ऐसा लगता था, जैसे मैं सच में 60-70 के दशक की दुनिया में पहुंच गई हूं। उस दौर की भाषा, रहन-सहन और लोगों का व्यवहार आज से बिल्कुल अलग था, जिसे समझना और अपनाना मेरे लिए एक नया अनुभव रहा।''

उन्होंने कहा, ''उस समय की जिंदगी आज के मुकाबले काफी धीमी थी, क्योंकि तकनीक इतनी विकसित नहीं थी। हर काम में समय लगता था और लोगों के पास धैर्य ज्यादा होता था। शो में इन सभी चीजों को बारीकी से दिखाने की कोशिश की गई है, जिससे दर्शकों को उस समय का असली एहसास मिल सके।''

बातचीत के दौरान कृतिका ने एक दिलचस्प बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि शो में एक समय ऐसा आता है, जब मटका के नंबर फोन के जरिए आने लगते हैं। लेकिन उस दौर के फोन आज जैसे नहीं थे। उस समय कॉल जोड़ने के लिए ऑपरेटर होते थे, जो मैन्युअली लाइनों को कनेक्ट करते थे।

उन्होंने कहा, ''आज की नई पीढ़ी शायद इन चीजों से पूरी तरह अनजान है, क्योंकि अब तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है।''
एक्ट्रेस के कहा, ''उस दौर की कई बातें मेरे लिए काफी रोचक थीं। भले ही समय बदल गया हो, लेकिन लोगों की भावनाएं और उम्मीदें आज भी वैसी ही हैं। इंसान हमेशा उम्मीद से जुड़ा रहता है, और यही भावना इस शो में भी देखने को मिलती है। इसी वजह से मैं अपने किरदार और कहानी से आसानी से जुड़ पाईं।''

'मटका किंग' की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो जुए की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ता है और उस समय की मुंबई में अपनी पहचान बनाता है। इस कहानी में उस दौर की कपड़ा मिलों का भी अहम योगदान दिखाया गया है, जो उस समय शहर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा थीं। यह शो प्राइम वीडियो पर 17 अप्रैल को रिलीज होने जा रहा है।

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