भारत को अमेरिकी F-35 के ऑफर पर बौखला गया चीन, बोला- इंडो-पैसिफिक जियोपॉलिटिक्स का अखाड़ा नहीं

नई दिल्ली/ बीजिंग

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान ऑफर किया। इस पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि एशिया-पैसिफिक (इंडो-पैसिफिक) "शांति और विकास का शानदार उदाहरण है, भू-राजनीतिक खेलों का अखाड़ा नहीं।" चीन ने यह भी कहा कि "विशेष समूह" बनाने और भू-राजनीतिक खेलों में शामिल होने से सुरक्षा नहीं मिलेगी।
इंडो-पैसिफिक को बताया विकास और शांति का उदाहरण

शुक्रवार को एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, "किसी को भी देशों के बीच संबंधों और सहयोग में चीन को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए, या गुटबाजी और टकराव को भड़काने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "एशिया-प्रशांत शांति और विकास का एक शानदार उदाहरण है, न कि भू-राजनीतिक खेलों का अखाड़ा। विशेष समूह बनाने और गुटबाजी और टकराव में शामिल होने से सुरक्षा नहीं आएगी, और किसी भी तरह से एशिया-प्रशांत और पूरी दुनिया शांतिपूर्ण और स्थिर नहीं रहेगी।"

भारत-अमेरिका संबंधों पर भी बोला चीन

जब अमेरिका और भारत के बीच अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने और सैन्य साझेदारी को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यूएस-इंडिया कॉम्पैक्ट पहल शुरू करने के समझौते के बारे में पूछा गया, तो गुओ ने कहा कि देशों के बीच सहयोग किसी तीसरे पक्ष को लक्षित नहीं होना चाहिए या दूसरों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं दोहराना चाहता हूं कि चीन का मानना है कि देशों के बीच संबंधों और सहयोग को किसी तीसरे पक्ष को लक्षित नहीं करना चाहिए या दूसरों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए, और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अनुकूल होना चाहिए।"

पाकिस्तान ने भी जताई चिंता

पाकिस्तान ने शुक्रवार को भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को बाधित करेगा, रणनीतिक स्थिरता को कमजोर करेगा और दक्षिण एशिया में स्थायी शांति प्राप्त करने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न करेगा। नाराज पाकिस्तान ने अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से "एकतरफा दृष्टिकोण न अपनाने का आग्रह किया, जो जमीनी हकीकत से अलग हो।" शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) के प्रवक्ता ने कहा, "भारत को उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियों के नियोजित हस्तांतरण पर पाकिस्तान बहुत चिंतित है। इस तरह के कदम क्षेत्र में सैन्य असंतुलन को बढ़ाते हैं और रणनीतिक स्थिरता को कमजोर करते हैं।"

अमेरिका से एकतरफा रुख अपनाने से बचने का आग्रह

उन्होंने कहा, "वे दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायक नहीं हैं। हम अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर समग्र और वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण अपनाने और एकतरफा और जमीनी हकीकत से अलग रुख अपनाने से बचने का आग्रह करते हैं।" गुरुवार को ट्रंप ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "इस साल से हम भारत को कई अरब डॉलर की सैन्य बिक्री बढ़ाएंगे। हम अंततः भारत को F35, स्टेल्थ लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।"

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